मजदूरों और असंगठित क्षेत्र को मिलेगा बड़ा सहारा
एनपीएस संचय' से संवरेगा असंगठित क्षेत्र के कामगारों का भविष्य: PFRDA की नई पहल
नई दिल्ली: देश की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए PFRDA 'एनपीएस संचय' योजना को व्यापक स्तर पर लॉन्च करने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उन दिहाड़ी मजदूरों, छोटे दुकानदारों और घरेलू कामगारों को पेंशन के दायरे में लाना है, जो अब तक रिटायरमेंट के बाद नियमित आय की सुविधा से वंचित थे।
पायलट प्रोजेक्ट के बाद देशभर में दस्तक
PFRDA के चेयरमैन एस. रमन के अनुसार, इस योजना का प्रायोगिक परीक्षण (पायलट प्रोजेक्ट) शुरू हो चुका है और जल्द ही इसे मुंबई, दिल्ली, भोपाल, लखनऊ और अहमदाबाद जैसे बड़े केंद्रों सहित पूरे भारत में लागू किया जाएगा। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका सरल निवेश मॉडल है। इसमें निवेशकों को इक्विटी या बॉन्ड्स के बीच चुनाव करने की जटिलता से नहीं जूझना होगा; सिस्टम खुद फंड का प्रबंधन करेगा।
50 करोड़ श्रमिकों को मिलेगा लाभ
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में करीब 50 करोड़ लोग असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत करीब 31.63 करोड़ श्रमिक, जो पीएफ (PF) या ईएसआई (ESI) जैसी सुविधाओं से बाहर हैं, इस योजना के प्राथमिक लाभार्थी होंगे। रायपुर, पटना, इंदौर और जयपुर जैसे शहरों में सक्रिय रिक्शा चालक, कृषि श्रमिक और छोटे कारीगरों के लिए यह योजना बुढ़ापे की लाठी बनेगी। विशेष बात यह है कि इन कामगारों में 54 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।
सरकारी मॉडल जैसी सुरक्षा
'एनपीएस संचय' को सरकारी कर्मचारियों के एनपीएस मॉडल की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। इसमें फंड का आवंटन पहले से निर्धारित अनुपात में होगा, जिससे निवेश का जोखिम कम रहेगा और एक सुरक्षित रिटायरमेंट कॉर्पस तैयार हो सकेगा। पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे औद्योगिक शहरों के प्रवासी मजदूरों के लिए भी यह बचत का एक बेहतरीन माध्यम साबित होगा।
सामाजिक सुरक्षा की दिशा में क्रांतिकारी कदम
यह योजना केवल एक निवेश विकल्प नहीं, बल्कि एक सामाजिक बदलाव की ओर संकेत है। वाराणसी, कानपुर और मेरठ जैसे व्यापारिक केंद्रों में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधि बोले—भारत की विविधता है सबसे बड़ी ताकत
Financial Fraud Case: कमलेश पारेख प्रत्यर्पण, CBI की बड़ी कार्रवाई
क्या गर्मी में ग्रीन-टी से बढ़ेगी गर्मी? एक्सपर्ट की राय
हेल्थ टूरिज्म में भारत की बड़ी छलांग, 2030 तक 16 अरब डॉलर का बाजार