भोपाल में राजनीतिक घमासान, भाजपा नेताओं को पुलिस ने रास्ते में रोका
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को लिंक रोड नंबर-1 पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से भारी हंगामा और तनाव की स्थिति बन गई। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने निकले थे। माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए और शिवाजी चौक के पास ही मजबूत बैरिकेडिंग करके प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिसके बाद सड़क पर काफी देर तक गहमा-गहमी बनी रही।
आम जनता और मरीजों को उठानी पड़ी भारी परेशानी
रेडक्रॉस अस्पताल और शिवाजी चौक के आसपास पुलिस द्वारा रास्ता बंद किए जाने से आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस प्रदर्शन के कारण सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। सबसे ज्यादा परेशानी रेडक्रॉस और जिला अस्पताल जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को हुई, जिन्हें मुख्य मार्ग बंद होने की वजह से काफी घूमकर जाना पड़ा।
दिल्ली में हुए हंगामे के जवाब में बीजेपी का प्रदर्शन
दरअसल, इस पूरे विवाद की जड़ मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास कांग्रेस द्वारा किया गया विरोध-प्रदर्शन था। उसी घटना के विरोध में भाजपा ने भोपाल में यह जवाबी घेराव आयोजित किया था। दूसरी ओर, कांग्रेस कार्यालय के भीतर और बाहर भी कांग्रेस कार्यकर्ता डटे हुए थे, जिसे देखते हुए अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
बैरिकेड्स पर धक्का-मुक्की और उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान जोश में आए भाजपा कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने के लिए पुलिस बैरिकेड्स हटाने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प व धक्का-मुक्की हुई। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने सूझबूझ से स्थिति को अनियंत्रित नहीं होने दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह तो महज एक चेतावनी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कांग्रेस अपनी हरकतों से बाज नहीं आई, तो आने वाले दिनों में और अधिक उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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