कलपक्कम रिएक्टर: भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा का नया मील का पत्थर
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 133वें एपिसोड में देश की प्रगति, डिजिटल बदलाव और युवाओं की उपलब्धियों का जिक्र किया। इस बार के संबोधन में पीएम मोदी ने जनगणना 2027 की तैयारियों से लेकर वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया।
1. जनगणना 2027: डिजिटल बदलाव और नागरिक जिम्मेदारी
पीएम मोदी ने देश के आगामी जनगणना अभियान को "दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना अभ्यास" बताते हुए इसे पूरी तरह डिजिटल बनाने की घोषणा की।
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सरल प्रक्रिया: नागरिक अब जनगणना कर्मचारियों के घर आने से 15 दिन पहले ही खुद अपनी जानकारी भर सकेंगे। जानकारी भरने के बाद नागरिकों को मोबाइल या ईमेल पर एक विशेष आईडी मिलेगी, जिसका उपयोग सत्यापन (verification) के लिए किया जाएगा।
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सुरक्षा का भरोसा: पीएम ने स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित है। इसे मजबूत डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था के तहत संरक्षित किया जा रहा है।
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प्रगति: अब तक करीब 1.2 करोड़ परिवारों ने अपनी जानकारी भरने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। पीएम ने इसे सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश की "साझा जिम्मेदारी" बताया।
2. वैश्विक पटल पर भारत का दम: शिक्षा और डेयरी
पीएम मोदी ने देश के होनहारों और खाद्य उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना का विशेष उल्लेख किया।
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यूरोपीय गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड: फ्रांस के बोर्डो शहर में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत की टीम ने दुनिया में छठा स्थान हासिल कर देश का मान बढ़ाया।
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श्रेया मुंधाड़ा: गोल्ड मेडल
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सानजना चाको: सिल्वर मेडल
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शिवानी भरथ कुमार: ब्रॉन्ज मेडल
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श्रीमोयी बेहरा: टीम की सदस्य पीएम मोदी ने इन बेटियों की उपलब्धि को देश के लिए गर्व का विषय बताया।
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डेयरी सेक्टर की सफलता: पीएम ने बताया कि भारत की पारंपरिक खाद्य संस्कृति, विशेषकर भारतीय चीज (Indian Cheese), ने ब्राजील में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर पुरस्कार हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है।
3. स्कूल की छुट्टियाँ: मनोरंजन के साथ सीखें कुछ नया
गर्मियों की छुट्टियों पर बच्चों को संदेश देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि छुट्टियाँ सिर्फ आराम के लिए नहीं हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे:
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छुट्टियों का भरपूर आनंद लें।
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सिर्फ मनोरंजन तक सीमित न रहें, बल्कि कुछ नया कौशल (Skill) सीखने का प्रयास करें।
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पीएम के अनुसार, छुट्टियों का रचनात्मक उपयोग बच्चों के व्यक्तित्व विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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