मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में 22 जुलाई को लगातार तीसरे दिन मंदी का रुख देखने को मिला और मार्केट ब्रेथ भी काफी कमजोर नजर आई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर करीब 2,120 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि महज 875 शेयर ही बढ़त दर्ज कर सके। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के चढ़ते दामों और बढ़ते वैश्विक तनाव के कारण आने वाले दिनों में बाजार में और दबाव देखने को मिल सकता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24051 से 24110 के बीच और बड़ा रेजिस्टेंस 24189 से 24221 के पास बना हुआ है। वहीं, नीचे की तरफ निफ्टी का पहला सपोर्ट यानी बेस 23877 से 23931 के बीच है, जबकि दूसरा बड़ा बेस 23777 से 23856 के दायरे में नजर आ रहा है।

बाजार में बिकवाली का दबाव और कमजोरी के संकेत

पिछले सत्र में 24080 के स्तर से नीचे बिकवाली की रणनीति पूरी तरह कारगर साबित हुई और इंडेक्स ने 50 DEMA का स्तर भी टेस्ट किया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की ओर से कैश मार्केट में बिकवाली भले ही सीमित रही हो, लेकिन वायदा बाजार (F&O) में विदेशी निवेशकों की बिकवाली में बड़ा उछाल देखा गया है। FIIs का नेट शॉर्ट बढ़कर 2.51 लाख अनुबंधों के पार पहुंच चुका है, जो बाजार में बनी कमजोरी की ओर स्पष्ट इशारा करता है। अमेरिकी बाजारों से मिले-जुले संकेतों और कच्चे तेल का भाव $96 के आसपास पहुंचने से सेंटिमेंट पर नकारात्मक असर पड़ा है। बाजार में जब तक 24051 से 24110 के स्तर के ऊपर मजबूती नहीं बनती, तब तक स्थिरता की उम्मीद कम ही है।

बैंक निफ्टी के प्रमुख रेजिस्टेंस और सपोर्ट जोन

बैंकिंग इंडेक्स यानी बैंक निफ्टी की बात करें तो इसके लिए पहला रेजिस्टेंस 57467 से 57641 के स्तर पर है, जबकि ऊपरी स्तरों पर बड़ा रेजिस्टेंस 57881 से 58089 के आसपास दिखेगा। नीचे की ओर बैंक निफ्टी का पहला बेस 56467 से 56865 के दायरे में है और दूसरा बड़ा बेस 56177 से 56309 के बीच देखा जा रहा है। बीते कारोबारी दिन यह 20 DEMA से नीचे फिसलकर अपने 50 DEMA के लक्ष्य तक पहुंचा। क्रूड ऑयल के $96 प्रति बैरल पर पहुंचने का सबसे ज्यादा प्रतिकूल असर बैंकिंग और रेट सेंसिटिव सेक्टर्स पर पड़ सकता है। हालांकि 56467 से 56865 का जोन काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस बेस में 50, 100 और 200 DEMA तीनों मौजूद हैं, जो इसे एक बेहद मजबूत सपोर्ट जोन बनाते हैं।

मौजूदा बाजार में ट्रेडिंग रणनीति और दमदार शेयर

तकनीकी संकेत कमजोर होने के कारण विशेषज्ञ फिलहाल बाजार में हर बड़े उछाल पर बिकवाली की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। पहले बेस के टूटने पर निफ्टी और बैंक निफ्टी के अगले बेस तक फिसलने की पूरी आशंका बनी हुई है, हालांकि बेस के पास से कभी भी तेज रिवर्सल भी संभव है, इसलिए पोजिशन्स को अगली अवधि के लिए कैरी करने से बचना चाहिए। इस वोलैटिलिटी के बीच फिनबर्ग मैनेजमेंट की मधु बंसल ने मजबूत चार्ट पैटर्न वाले दो शेयरों पर खरीदारी की राय दी है। उन्होंने एजिस वोपाक टर्मिनल्स में 285 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ 321 रुपये के लक्ष्य के लिए दांव लगाने की सलाह दी है, जबकि इंडसइंड बैंक को 1040 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ 1170 रुपये के टारगेट के लिए पोर्टफोलियो में शामिल करने का सुझाव दिया है।