नामांकन निरस्तीकरण से भड़की कांग्रेस, भोपाल में चुनाव आयोग के बाहर धरना
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने का मामला अब देश की राजधानी तक पहुंच गया है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नष्ट करने का सीधा आरोप लगाया है। पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को "लोकतंत्र की दिनदहाड़े लूट" करार दिया है, जिसके बाद दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं।
चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर कांग्रेस का हाई-वोल्टेज ड्रामा
दिल्ली स्थित मुख्य चुनाव आयोग कार्यालय में मंगलवार देर रात उस समय भारी हंगामा मच गया, जब कांग्रेस के कई शीर्ष राष्ट्रीय नेता नामांकन रद्द होने के खिलाफ एक आधिकारिक याचिका सौंपने पहुंचे। हालांकि, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने जयराम रमेश समेत अन्य नेताओं को यह कहते हुए भीतर जाने से रोक दिया कि उन्होंने पहले से आयोग से मिलने की अनुमति नहीं ली है। अंदर जाने की इजाजत न मिलने से नाराज केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट, भूपेश बघेल और जयराम रमेश जैसे कद्दावर नेता चुनाव आयोग के मुख्य दरवाजे के बाहर ही धरने पर बैठ गए। देर रात चले इस हंगामे के बाद आखिरकार आयोग ने बुधवार को कांग्रेस के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया है।
झूठे आरोपों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
इस विवाद को लेकर कांग्रेस अब कानूनी रास्ता अख्तियार करने की पूरी तैयारी में है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर भाजपा की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को खारिज करना भाजपा द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गुपचुप तरीके से खत्म करने की एक साजिश है। उन्होंने साफ किया कि नामांकन पत्र में त्रुटि होने या किसी भी तरह की जानकारी छिपाने के जो भी आरोप लगाए गए हैं, वे पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल उनके उम्मीदवार को रोकने की नहीं, बल्कि कांग्रेस के हाथ से तयशुदा सीट छीनने की कोशिश है, जिसके खिलाफ वे जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।

अस्पताल में सेवाएं प्रभावित, 21 कर्मचारियों की नौकरी जाने पर बढ़ा विवाद
समुद्र में शक्ति प्रदर्शन! चीन-फिलीपींस विवाद ने फिर बढ़ाया क्षेत्रीय तनाव
तृतीय सोपान एवं निपुण टेस्टिंग कैंप का आगाज, स्काउट्स-गाइड्स करेंगे हुनर का प्रदर्शन
प्रदर्शन के बीच दिल्ली में सख्ती, इंटरनेट पर पाबंदी और मेट्रो सेवाएं प्रभावित
वकीलों की CJI से गुहार, पीएम आवास के पास प्रदर्शन पर जताई चिंता