क्रूज हादसे में 9 की मौत, 20 साल से चल रहा था संचालन, राहत-बचाव तेज
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ बड़ा हादसा शुक्रवार को और भी हृदयविदारक हो गया है। 'नर्मदा क्वीन' नामक क्रूज के डूबने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। शुक्रवार सुबह बचाव दल ने पानी से दो और शवों को बाहर निकाला। एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और सेना के जवान पिछले 12 घंटों से अधिक समय से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। क्रूज पर कुल 31 लोग सवार थे, जिनमें से 22 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च अभियान तेज कर दिया गया है।
क्रेन की मदद से क्रूज को बाहर निकालने की कोशिश, केबिन में फंसे होने की आशंका
प्रशासनिक अमला अब डूबे हुए क्रूज को क्रेन की मदद से नर्मदा नदी के गहरे पानी से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा है। रेस्क्यू टीम को आशंका है कि कुछ लोग क्रूज के केबिन के भीतर फंसे हो सकते हैं, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ने का डर है। घटनास्थल पर रातभर चले इस ऑपरेशन की निगरानी के लिए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी और स्थानीय सांसद आशीष दुबे सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे। अब तक बरामद शवों में से नीतू सोनी, सोभाग्यम अलागन, दिल्ली के मधुर मैसी और खमरिया निवासी काकुलाझी की पहचान हो चुकी है, जबकि दो अन्य की शिनाख्त अभी बाकी है।
तेज आंधी और बारिश ने बिगाड़ा संतुलन, 20 साल से चल रहा था क्रूज का सफर
हादसे की मुख्य वजह मौसम में आया अचानक बदलाव बताया जा रहा है। गुरुवार शाम जब क्रूज नदी के बीच में था, तभी तेज आंधी के साथ भारी बारिश शुरू हो गई, जिससे उठी लहरों के कारण क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह जलमग्न हो गया। हालांकि, क्रूज की क्षमता 60 यात्रियों की थी और हादसे के वक्त उसमें क्षमता से आधे यानी 31 लोग ही सवार थे। बरगी डैम के बैकवाटर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए साल 2006 से क्रूज का संचालन किया जा रहा था। इस घटना के बाद अब पर्यटन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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