UN में भारत को बड़ी भूमिका, सतत विकास में निभाएगा अहम जिम्मा
न्यूयॉर्क | संयुक्त राष्ट्र में भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। भारत ने आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) से जुड़े चार अहम निकायों के चुनाव में निर्विरोध जीत हासिल की है। इन सभी चुनावों में भारत का चयन सर्वसम्मति से हुआ, जो वैश्विक मंच पर उसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है। इन चुनावों में भारत को विकास के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आयोग , गैर-सरकारी संगठनों की समिति और कार्यक्रम एवं समन्वय समिति में चुना गया है।
प्रीति सरन को सीईएससीआर में फिर से चुना गया
इसके साथ ही, भारत की वरिष्ठ राजनयिक रहीं प्रीति सरन को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की समिति (CESCR) में फिर से चुना गया है। वह इससे पहले इस समिति के सत्र की अध्यक्षता भी कर चुकी हैं। प्रीति सरन का 36 वर्षों का लंबा कूटनीतिक अनुभव रहा है, जिसमें उन्होंने वियतनाम में भारत की राजदूत के रूप में सेवा दी, साथ ही टोरंटो, जेनेवा, ढाका, काहिरा और मॉस्को जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी तैनाती संभाली।
सीईएससीआर क्या है?
सीईएससीआर में 18 स्वतंत्र विशेषज्ञ शामिल होते हैं, जो आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समझौते के पालन की निगरानी करते हैं। यह समिति भोजन, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, पानी और स्वच्छता जैसे बुनियादी अधिकारों से जुड़े मामलों पर नजर रखती है।वहीं, एनजीओ समिति संयुक्त राष्ट्र में सिविल सोसाइटी संगठनों की भागीदारी तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आयोग विकास और सतत भविष्य से जुड़े मुद्दों पर दिशा तय करता है, जबकि कार्यक्रम एवं समन्वय समिति संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के कामकाज में तालमेल सुनिश्चित करती है।
ECOSOC क्या है?
गौरतलब है कि ECOSOC संयुक्त राष्ट्र की उस केंद्रीय व्यवस्था का हिस्सा है, जो सतत विकास के तीनों आयाम आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय को आगे बढ़ाने का काम करती है। यह सफलता इन वैश्विक मुद्दों पर भारत की बढ़ती भूमिका और प्रभाव को भी रेखांकित करती है।

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