जीआईएस में 250 उद्यमी और कारोबारियों के आने की उम्मीद
भोपाल। राजधानी भोपाल में 24 और 25 फरवरी 2025 को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी, जिसमें निवेश के क्षेत्र में अहम निर्णय लिए जाएंगे। इस समिट के दूसरे दिन पहली बार मप्र प्रवासी शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, इसमें दूसरे देशों में उद्योग, कारोबार कर रहे प्रदेश के करीब 250 से ज्यादा प्रवासी शामिल हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार अब तक अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, यूके, यूएई, जापान समेत कई देशों में रह रहे प्रदेश के अनिवासियों ने जीआईएस में आने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इनकी संख्या करीब 150 के आसपास है। अधिकारियों के अनुसार मध्य प्रदेश प्रवासी शिखर सम्मेलन में 250 से ज्यादा एनआरआई के आने की संभावना है।
आईटी, कृषि समेत कई क्षेत्र में सरकार का फोकस
प्रदेश सरकार एनआरआई को मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों, उद्योग नीतियों और राज्य सरकार के निवेशकों को दी जाने वाली विभागीय सहायता से अवगत कराना है। इसमें यूएस, यूके, नेपाल, मंगोलिया, म्यांमार, कनाडा, जर्मनी, मैक्सिको, जिम्बाब्वे, जापान, पोलैंड, मोरक्को, फिजी, टोगो से लोग सम्मेलन में भाग लेंगे। प्रदेश सरकार को फोकस कृषि, खाद्य एवं डेयरी प्रसंस्करण, कपड़ा और वस्त्र, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण, नवीनीकरण ऊर्जा, एयरोस्पेस, आईटी और रक्षा जैसे क्षेत्रों पर है।
विकसित हो रहा टेक्साइटल रीजन एंड अपैरल पार्क
मध्य प्रदेश टेक्सटाइल और परिधान उद्योग के क्षेत्र में अपार संभावनाओं वाला राज्य बन चुका है। राज्य की समृद्ध कृषि पृष्ठभूमि, पारंपरिक बुनकर समुदायों की उत्कृष्ट कला, आधुनिक औद्योगिक आधार और निवेशक-अनुकूल नीतियां प्रदेश को इस क्षेत्र में अग्रणी बना रही हैं। सरकार के सुविचारित प्रयासों से मध्य प्रदेश तेजी से भारत के प्रमुख टेक्सटाइल और गारमेंट हब के रूप में उभर रहा है। धार जिले में विकसित किया जा रहा पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल पार्क प्रदेश के कपड़ा उद्योग को नया आयाम देगा। 2,100 एकड़ में फैले इस पार्क में टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योगों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा। यह पार्क न केवल निवेश आकर्षित करेगा, बल्कि प्रदेश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भी बनाएगा।
प्रदेश में 60 से अधिक बड़ी कपड़ा मिलें
प्रदेश में 60 से अधिक बड़ी कपड़ा मिलें, 4,000 से अधिक हथकरघे और 25 लाख स्पिंडल्स कार्यरत हैं। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, धार, देवास, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और जबलपुर प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। इंदौर का रेडीमेड गारमेंट क्लस्टर 1,200 से अधिक इकाइयों के साथ प्रदेश में रेडीमेड वस्त्र निर्माण की प्रमुख इकाई बन चुका है। यहां स्थित अपैरल डिजाइनिंग सेंटर और स्पेशल इकोनॉमिक जोन उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान कर रहे हैं।

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